Ratlam khabar रतलाम ख़बर
शनिवार को रतलाम दौरे पर आए प्रभारीमंत्री कुं. विजय शाह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनकल्याण का पर्व चल रहा है। जिसमें गरीबों की समस्या का निराकरण होना चाहिए। आम जनता की सुनवाई होना चाहिए, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। यदि जनता से सही व्यवहार नहीं हुआ और समय पर काम नहीं हुआ तो अधिकारी से बाबू बन जाओगे। प्रभारी मंत्री को संदेश देना होता है, वह आज मैंने दे दिया है।
प्रभारी मंत्री कु. विजय शाह ने कलेक्टोरेट में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद कलेक्टर कार्यालय में मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।
दरअसल आज सुबह स्थानीय सर्किट हाउस पर प्रभारी मंत्री के पास एक महिला अपनी समस्या लेकर पहुंची थी। प्रभारी मंत्री ने उसे नायब तहसीलदार के पास भेजा था, लेकिन अधिकारी द्वारा प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद भी ठीक से सुनवाई नहीं की गई। जब यह जानकारी प्रभारी मंत्री को मिली तो उन्होंने तत्काल नायब तहसीलदार को हटाकर कार्यालय में अटैच करने के निर्देश दे दिए। इसी संदर्भ में प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि प्रभारी मंत्री को संदेश देना होता है, वह आज मैंने दे दिया। यदि जनता से सही व्यवहार नहीं हुआ और समय पर काम नहीं हुआ तो अधिकारी से बाबू बना दिया
रतलाम के नमकीन क्लस्टर से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा कि रतलाम के नमकीन को लेकर कलेक्टर से आज ही चर्चा हुई है। योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मैं कोरी वाहवाही नहीं लूटना चाहता। योजना बन रही है, उस पर काम होगा।
मीडिया के सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछली बार के दौरे पर आम जनता की समस्या के निराकरण के लिए प्रभारी मंत्री की खिड़की शुरू की गई थी। आज मैंने उसकी समीक्षा है। जो आवेदन आए हैं उसमें से कई का निराकरण हो चुका है। जो पेंडिंग है उन्हें 31 मार्च तक निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जो समस्या भोपाल लेवल की है उन्हें मेरे पास भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।
आरटीओ के पूर्व कर्मचारी सौरभ शर्मा की संपत्ति और उसके पास से मिले पैसों से जुड़े प्रश्न के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां मामले की जांच कर रही है। बड़े लेवल पर जांच हो रही है। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
प्रदेश सरकार द्वारा लगातार कर्ज लिए जाने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि कर्ज लेकर विकास करना आज की परंपरा नहीं है। राजा भी कर्ज लेते थे। अंग्रेज भी कर्ज लेते थे। कर्ज उसी को मिलता है जिसमें क्षमता होती है। विकास का पहिया लगातार चलता रहेगा।







